India, the world second largest LPG consumer country


India, the world second largest LPG consumer country

2019-02-22 13:19:38


पेट्रोलियम सचिव एम.एम. कुट्टी के अनुसार 2.25 करोड़ टन खपत के साथ भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी उपभोक्ता देश बन गया है. एशिया एलपीजी सम्मेलन को संबोधित करते हुए एम.एम. कुट्टी ने कहा कि एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या में सालाना आधार पर 15 प्रतिशत वृद्धि हुई है.

सरकार की प्रत्येक परिवार को स्वच्छ रसोई गैस ईंधन उपलब्ध कराने की पहल से भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी उपभोक्ता देश बन गया है. पेट्रोलियम सचिव ने 05 फरवरी 2019 को कहा कि देश में एलपीजी की मांग 2025 तक 34 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है. एलपीजी की मांग बढ़ने से चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा बड़ा उपभोक्ता बन गया है.

मुख्य तथ्य:

   वर्ष 2014-15 में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 14.8 करोड़ थी जो 2017-18 में बढ़कर 22.4 करोड़ हो गई. जनसंख्या में तेज वृद्धि तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी पहुंच बढ़ने से एलपीजी उपभोग में औसतन 8.4 प्रतिशत वृद्धि हुई है. इससे 2.25 करोड़ टन के साथ भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी उपभोक्ता देश बन गया है.

   पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुमान के अनुसार वर्ष 2025 तक एलपीजी उपभोग बढ़कर 3.03 करोड़ टन पर पहुंच जाएगा. वर्ष 2040 तक यह आंकड़ा 4.06 करोड़ टन होगा.

•   केंद्र सरकार ने देशभर में एलपीजी के उपभोग को प्रोत्साहन देने के लिए कई कदम उठाए हैं. विशेषरूप से ग्रामीण परिवारों में एलपीजी उपभोग को प्रोत्साहन दिया जा रहा है. ग्रामीण परिवार परंपरागत ईंधन पर निर्भर रहते हैं जो उनकी सेहत को तो नुकसान पहुंचाता ही है साथ ही इससे प्रदूषण भी बढ़ता है.

 

प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना:

   प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत 6.31 करोड़ कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं. इस योजना के तहत तीन साल मे पांच करोड़ गरीब महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. इस योजना के तहत वर्ष 2020 तक आठ करोड़ कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है.

•   प्रधानमंत्री उज्जवला योजना भारत के गरीब परिवारों की महिलाओं के चेहरों पर खुशी लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा 1 मई 2016 को शुरू की गई एक योजना है. इस योजना के अंतर्गत गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन मिलेंगे.

•   प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत आरम्भ में वित्त वर्ष 2016-17 से शुरू 3 वर्षों की अवधि के दौरान 8,000 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ 5 करोड़ कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था.

•   यह सभी तक ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करने संबंधी सरकार के समग्र फोकस का एक हिस्सा है. उन गांवों में बिजली पहुंचाई जा रही है जो अब तक इस सुविधा से वंचित हैं.

 


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