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भारत का पहला जलमार्ग बंदरगाह वाराणसी में आरंभ


भारत का पहला जलमार्ग बंदरगाह वाराणसी में आरंभ

2018-11-14 07:59:28


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 नवंबर 2018 को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को 2400 करोड़ रुपये की सौगात दी. उन्होंने यहां रामनगर स्थित पहले वॉटर वेज टर्मिनल का उद्घाटन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य आदि मौजूद थे.

प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में देश के पहले मल्टी-मॉडल टर्मिनल समेत 2413 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित भी किया. यह जलमार्ग वाराणसी-हल्दिया मार्ग पर बनाया गया है.

वाराणसी-हल्दिया जलमार्ग

•    गंगा नदी में बंगाल से वाराणसी तक पोत का परिचालन शुरू हो गया है. आज़ाद भारत में पहली बार गंगा के रास्ते एक कंटेनर कोलकाता से वाराणसी पहुंचा है.

•    पेप्सिको कंपनी गंगा नदी के रास्ते जलपोत एमवी आरएन टैगोर के जरिए अपने 16 कंटेनर को कोलकाता से वाराणसी लेकर आई.

•    इनलैंड वाटर हाइवे-1 पर दो जहाजों के माध्यम से ये कंटेनर आए, जिन्हें 30 अक्टूबर को कोलकाता से रवाना किया गया था. 

•    यह जलपोत एमवी आरएन टैगोर वाराणसी से इफ्को कंपनी का उर्वरक लेकर वापस कोलकाता लौटेंगे.

•    इस टर्मिनल को हल्दिया-वाराणसी के बीच राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर विकसित किया जा रहा है. 

•    इस टर्मिनल के जरिए 1500 से 2000 टन के बड़े जहाजों की भी आवाजाही संभव हो सकेगी.

 

अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इण्टरसेप्शन डाइवर्जन ऑफ ड्रेन एण्ड ट्रीटमेण्ट वर्क एट रामनगर-वाराणसी, किला कटरिया मार्ग पर आईआरक्यूपी का कार्य, पूर्व राष्ट्रीय मार्ग संख्या-7 पड़ाव रामनगर (टेगरा मोड़) मार्ग पर आईआरक्यूपी का कार्य, लहरतारा-काशी हिन्दू विश्वविद्यालय मार्ग पर उपरिगामी फुटपाथ का निर्माण, वाराणसी में हेलीपोर्ट का निर्माण, ड्राइवर प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना कार्य आदि परियोजनाओं का शिलान्यास किया.



भारत के राष्ट्रीय जलमार्ग

modi water ways


राष्ट्रीय जलमार्ग-1 - (इलाहाबाद से हल्दिया) - गंगा नदी से गुजरनेवाले 1680 किलोमीटर लंबे इलाहाबाद-हल्दिया जलमार्ग को भारत में राष्ट्रीय जलमार्ग-1 का दर्जा दिया गया है. गंगा नदी का प्रयोग नागरिक यातायात तथा भारवहन के लिए के लिए काफी समय से किया जाता रहा है. इस जलमार्ग पर स्थित प्रमुख शहर इलाहाबाद, वाराणसी, मुगलसराय, बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, बाढ, मुंगेर, भागलपुर, फरक्का, कोलकाता तथा हल्दिया है.

राष्ट्रीय जलमार्ग-2 - (सादिया से धुबरी पट्टी) - ब्रह्मपुत्र नदी में धुबरी से सदिया तक के मार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग-2 के नाम से जाना जाता है. इस जलमार्ग को वर्ष 1988 में राष्ट्री य जलमार्ग घो‍षित किया गया था. इस जलमार्ग की कुल लम्बाई 891 किमी है इस राजमार्ग के महत्वपूर्ण वाणिज्यिक केन्द्र धुबरी, गोगीघोपा, गवाहटी, तेजपुर, निमाती, डिब्रूगढ, सदिया तथा सायखोवा है.

राष्ट्रीय जलमार्ग-3 - (कोल्लम से कोट्टापुरम) - पश्चिमी भारत में स्थित तटीय नहरों की श्रृंखला को कोट्टापुरम से कोल्लयम तक राष्ट्रीय जालमार्ग - 3 घोषित किया गया है. इस जलमार्ग की शुरूआत वर्ष 1992 में हुई थी. इस राष्ट्रीय जलमार्ग कुल लंबाई 205 किमी है.

राष्ट्रीय जलमार्ग-4 – (काकीनाडा से मरक्कानम) - काकीनाडा पुदुचेरी नहर विस्तार के साथ गोदावरी नदी विस्तार तथा कृष्णा नदी विस्तार को सम्मिलित रूप से राष्ट्रीय जलमार्ग-4 नाम से जाना जाता है. इस जलमार्ग की लंबाई 1095 किमी है. यह जलमार्ग चेन्न‍ई बंदरगाह को काकीनाडा तथा मच्छलीपट्टम के बन्दरगाहों को जोड़ता है.

राष्ट्रीय जलमार्ग-5 – (तलचर से धमरा) – पूर्वी तटीय नहर प्रणाली में ब्राह्मणी तथा महानदी डेल्टा  क्षेत्र को राष्ट्रीय जलमार्ग 5 के नाम से जाना जाता है. यह जलमार्ग मंगलगडी से पारादीप बन्दतरगाह के बीच 101 किमी जलमार्ग को भी जोड़ता है. इस जलमार्ग की कुल लंबाई 623 किमी है. इसकी शुरूआत 1985 में हुई थी इसे वर्ष 2008 में राष्ट्रीय जलामार्ग घोषित किया गया था.

राष्ट्रीय जलमार्ग-6 – (लखीपुर से भंगा) - भंगा से लखीपुर जलमार्ग को राष्ट्रीय जलमार्ग 6 कहा गया है. अभी यह जलमार्ग प्रस्तावित है इसकी शुरूआत अभी नहीं हुई है. इस राष्ट्रीय जलमार्ग की कुल लंबाई 121 किमी है.

 

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